दिल्ली के जहांगीरपुरी इलाके में सोमवार को अंकित नाम के युवक की हत्या कर दी गई.
टाइम्स ऑफ़ इंडिया के मुताबिक मृतक इसी इलाके में अपनी कोचिंग चलाते थे.घरवालों के मुताबिक अंकित मुस्लिम समुदाय की एक लड़की से बीते 10 साल से प्यार करते थे और लड़की के भाई ने ही अंकित की हत्या की है.
आरोप है कि अंकित की प्रेमिका का भाई सुबह क़रीब आठ बजे सिर पर कैप और चेहरे पर मास्क लगाकर कोचिंग आया.
जैसे ही अंकित कोचिंग पुहंचे, हमलावर ने अंकित के सिर में गोली मार दी और भाग गया. हालांकि सीसीटीवी फुटेज़ में उनकी तस्वीर आई है.
पुलिस ने कुछ लोगों को हिरासत में लिया है. इसी साल फरवरी में दिल्ली के ख़याला इलाके में मुस्लिम लड़की से प्यार करने वाले एक अन्य अंकित की हत्या हुई थी. की ख़बर के मुताबिक पुलिस की गोली से मारे गए एप्पल के एरिया मैनेजर विवेक तिवारी के परिजनों ने सोमवार को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की.
मुख्यमंत्री योगी ने परिवार के लिए मुआवज़ा राशि को 25 लाख रुपये से बढ़ाकर 40 लाख कर दिया है.
हालांकि विपक्ष ने सरकार के आश्वासनों को नाकाफ़ी बताया है. इस बीच मुख्यमंत्री योगी से मुलाकात के बाद विवेक तिवारी के परिवार ने सीबीआई जांच की अपनी मांग ख़त्म कर दी है.
वहीं कांग्रेस नेता सोनिया गांधी ने भी विवेक तिवारी की पत्नी कल्पना तिवारी से फ़ोन पर बात की.
पश्चिमी उत्तर प्रदेश और दूसरे पड़ोसी राज्यों के क़रीब दो हज़ार किसानों ने सोमवार को दिल्ली कूच किया. हालांकि उन्हें दिल्ली बॉर्डर पर ही रोक दिया गया.
दिल्ली में दाख़िल होने की उनकी कोशिश की वजह से एनएच24 पर घंटों लंबा जाम लगा रहा. हिंदुस्तान टाइम्स
प्रवर्तन निदेशालय ने पीएनबी घोटाला मामले में नीरव मोदी और उनके परिवार के ख़िलाफ़ भारत समेत पांच देशों में कार्रवाई की.
इस दौरान 637 करोड़ की संपत्ति और बैंक खाते अटैच किए गए. ये ख़बर जनसत्ता समेत कई अख़बरों में है.
ईडी ने बताया कि यह कार्रवाई मुंबई, लंदन, सिंगापुर, हांगकांग और न्यूयॉर्क में की गई.
उधर, केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री शिव प्रताप शुक्ला ने कहा कि हम नीरव जैसे लोगों को भारत लाने की कोशिश कर रहे रहे हैं.
प्रवर्तन निदेशालय ने न्यूयॉर्क में 216 करोड़ रुपए की क़ीमत का अपार्टमेंट सीज़ किया.
समेत कई अख़बारों में तस्वीर समेत ये ख़बर छपी है.
किसान कर्ज़ माफ़ी की मांग को लेकर किसान क्रांति यात्रा करना चाहते थे. वहीं अमर उजाला की ख़बर के मुताबिक किसानों और केंद्र सरकार के बीच सोमवार रात ढाई बजे तक बातचीत बेनतीजा रही.
हालांकि मंगलवार सुबह आठ बजे फिर वार्ता तय होने की बात कही गई थी.
गुजरात के गिर वन्यजीव अभ्यारण में 12 अगस्त अबतक 21 शेरों की मौत हो चुकी है.
द हिंदू अख़बार के मुताबिक अधिकारी मौतों की एक वजह वायरल इंफेक्शन को बता रहे हैं.
बाक़ी शेरों को इंफेक्शन से बचाने के लिए इंडियन वेटेनरी रिसर्च इंस्टीट्यूट के विशेषज्ञों को अभ्यारण बुलाया गया है.
एहतियात के तौर पर सभी शेरों को किसी दूसरे रेस्क्यू सेंटर लाया गया है और अलग रखा जा रहा है. न दिनों देश के पश्चिमी प्रांत शिनजिंयाग में अल्पसंख्यक मुसलमानों के प्रति अपने रवैये की वजह से चीन की भारी आलोचना हो रही है. आलोचकों का कहना है कि चीन ने इस राज्य में बड़ी संख्या में मुसलमानों को ख़ास तरह के कैंपों में रखा है.
अगस्त में एक संयुक्त राष्ट्र की कमेटी को बताया गया था कि शिनजियांग में क़रीब दस लाख मुसलमानों को एक तरह की हिरासत में रखा गया है, जहां उन्हें 'दोबारा शिक्षा' दी जा रही है.
चीन इन ख़बरों का खंडन करता है. लेकिन इस दौरान शिनजियांग में लोगों पर निगरानी के कई सबूत सामने आए हैं.
आइए समझते हैं कि इस कहानी के अलग-अलग पहलू क्या हैं.
लेकिन हाल के वर्षों में भारी संख्या में चीन के बहुसंख्यक नस्लीय समूह 'हान' चीनियों का शिनजियांग में बसना एक संवेदनशील मुद्दा बन गया है. वीगर लोगों को लगता है कि अब उनकी रोज़ी-रोटी और संस्कृति ख़तरे में पड़ रही है.
शिनजियांग चीन के पश्चिम में देश का सबसे बड़ा प्रांत है. इसकी सीमाएं भारत, अफ़ग़ानिस्तान और मंगोलिया जैसे कई देशों से मिलती हैं. कहने को तो ये भी तिब्बत की ही तरह एक स्वायत्त क्षेत्र है लेकिन दरअसल यहां की सरकार की डोर बीजिंग के ही हाथ में है.
चीन के पश्चिमी प्रांत शिनजियांग में रहने वाले एक करोड़ से अधिक वीगर समुदाय के अधिकतर लोग मुसलमान हैं. ये लोग ख़ुद को सांस्कृतिक नज़र से मध्य एशिया के देशों के क़रीब मानते हैं. उनकी भाषा भी तुर्की से मिलती-जुलती है.
सदियों से इस प्रांत की अर्थव्यवस्था खेती और व्यापार पर केंद्रित रही है. ऐतिहासिक सिल्क रूट की वजह से यहां ख़ुशहाली रही है.
बीसवीं सदी की शुरुआत में वीगर समुदाय ने थोड़े वक्त के लिए ही सही, शिनजियांग को आज़ाद घोषित कर दिया था. लेकिन 1949 की कम्यूनिस्ट क्रांति के बाद ये प्रांत चीन का हिस्सा बन गया.
इस वक़्त शिनजियांग में क्या हो रहा है?
अगस्त 2018 में संयुक्त राष्ट्र की एक मानवाधिकार कमेटी को बताया गया था कि 'पूरा वीगर स्वायत्त क्षेत्र नज़रबंदी में है.'इस कमेटी को बताया गया था कि क़रीब 10 लाख लोग हिरासती ज़िंदगी बिता रहे हैं. ऐसी रिपोर्टों की पुष्टि ह्यूमन राइट्स वॉच भी करता है.
मानवाधिकार संगठनों का कहना है कि एक तरह के हिरासती कैंपों में रखे गए लोगों को चीनी भाषा सिखाई जाती हैं और उन्हें चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के प्रति वफ़ादारी की कसम खानी होती है.
साथ ही लोगों से उनके धर्म और संस्कृति की आलोचना करने को कहा जाता है.
ह्यूमन राइट्स वॉच के मुताबिक वीगर समुदाय को बेहद सख़्त निगरानी का सामना करना पड़ता है. लोगों के घरों के दरवाज़े पर QR कोड्स लगे हुए हैं और चेहरे को पहचानने के लिए कैमरे फ़िट हैं. अधिकारी जब चाहें तब ये पता लगा सकते हैं कि घर अंदर कौन है.
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