Thursday, November 22, 2018

امرأة عربية تقتل حبيبها في الإمارات وتطعم لحمه لجيرانها

ارتكبت امرأة مغربية مقيمة في العين بالإمارات، جريمة من أشنع الجرائم في العالم، حين قتلت صديقها، وقطّعت جثته ثم طهته في طبق أرز ولحم، وقدمته لمجموعة من عمال البناء قرب منزلها.
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ففي جريمة صادمة هزت الإمارات، بطلتها امرأة من الجنسية المغربية، وجّه الادعاء العام في مدينة العين اتهاما لسيدة فتية بقتل صديقها وتقطيع جثته وطبخها، قبل تقديمها كوجبة لعمال باكستانيين.
ونقلت وكالة "أسوشيتد برس" الثلاثاء 20 نوفمبر، عن صحف إماراتية، أن المرأة المغربية قتلت صديقها في إمارة العين، وقامت بطهي جثته في طبق تقليدي إماراتي يسمى "المجبوس" قدمته هدية إلى مجموعة من العمال الباكستانيين.
ورجحت الوكالة، أن تكون الموقوفة في هذه القضية، قد أقدمت على هذه الجريمة البشعة عندما أخبرها صديقها بنيته الزواج من امرأة غيرها، مشيرة إلى أن الرجل قُتل قبل ثلاثة أشهر، لكن الجريمة لم تظهر إلا في الأيام الأخيرة، بعد أن ذهب شقيقه للبحث عنه في بيت الموقوفة، فعثر على أسنان بشرية داخل خلاط.
وأثبتت اختبارات الحمض النووي أن المحتويات التي عثر عليها في الخلاط تعود إلى المتوفى وهو في العشرينات من عمره، أي بعمر أصغر من عمر المتهمة التي هي في الثلاثينيات من عمرها.
وذكرت النيابة العامة في العين، أن المتهمة ارتكبت جريمتها البشعة بعد أن أخبرها صديقها أنه سيتزوج ابنة عمه وهو أيضا من المغرب.
وفي 13 نوفمبر الجاري، ظهرت تقارير عن الرجل المفقود في مصادر إعلامية مغربية، وبعد اختبارات الحمض النووي، أكدت النتائج أن الأسنان تعود للرجل القتيل، ليتم إلقاء القبض على المرأة.
وأوضحت صحيفة الإماراتية، أنه خلال الاستجواب أنكرت المرأة، التي لم تكشف الشرطة عن اسمها في البداية أي تورط لها، ولكنها اعترفت بعد ذلك بقتل الرجل في لحظة "جنون".
وعندما عرضت الشرطة على المرأة الأدلة التي تملكها ضدها انهارت واعترفت بأنها قتلت حبيبها للانتقام، لكنها تظاهرت بأنها مريضة عقليا، وأصرت على أنها ارتكبت الجريمة في حالة جنون.
وأرسلت المرأة إلى المستشفى لإجراء فحوص طبية لتشخيص حالتها العقلية.
وأخبرت المتهمة الشرطة أن شهوة الانتقام سيطرت عليها وعلى سلوكها بعد أن ظلت لسبع سنوات تقدم لصديقها مساعدات مالية وغير مالية، فأقدمت حين تأكدت أنها ستفقده للأبد لزواجه من امرأة غيرها، على تقطيع جثته وطلبت من أحد أصدقائها مساعدتها للتخلص منها.
وحسب الصحيفة الإماراتية، فإن المرأة اعترفت بأنها استخدمت الخلاط الكهربائي لإضافة لحم جسد شريكها السابق إلى باقي مستحضرات طبق "المجبوس"، ثم طبخه بمشبك، قبل تقديمه لمجموعة من العمال الباكستانيين الذين كانوا يعيشون في الجوار.
وأثناء استجواب الشرطة الإماراتية لإحدى صديقات المتهمة، قالت إنها لم تشهد الجريمة، لكنها أكدت أنها شاهدت بقع دم في منزل المرأة.
وتقول الشرطة الإماراتية، إن المرأة المغربية ستواجه المحاكمة بعد اكتمال التحقيق الكامل في هذه الجريمة الصادمة التي هزت الإمارات بأكملها.

Tuesday, November 6, 2018

अफ़ग़ानिस्तान में अगवा हुए भारतीयों की कहानी

राज्याभिषेक के बाद भगवान श्रीराम, माता सीता, लक्ष्मण व श्री हनुमान सहित समूचे राम दरबार को मोटर बोट पर बिठाकर सरयू नदी की सैर कराई जाएगी. इसके अलावा सरयू के तट पर रिकॉर्ड स्तर पर दीपदान कराने के लिए भी तैयारियां की जा रही हैं.
वहीं अयोध्या शहर के लोगों का इस पूरे आयोजन के बारे में रवैया काफ़ी हद तक उदासीन है तो दूसरी ओर इतने महंगे कार्यक्रम के बावजूद शहर में विकास का ऐसा कोई कार्य नहीं दिख रहा है जिसका लाभ अयोध्यावासियों को हो सके.
कार्यक्रम स्थल से मुख्य शहर की ओर जाने वाली सड़क में पहले की ही भांति गड्ढे हैं और देर रात तक सड़क की मरम्मत का कार्य चल रहा था.
यही नहीं, मुख्य कार्यक्रम स्थल पर, जहां रात के वक़्त ख़ूबसूरत लेज़र प्रकाश पड़ने से दीवारें चमक रही थीं, वहीं उन दीवारों के नीचे की सड़कें न सिर्फ़ टूटी हुई हैं, बल्कि जगह-जगह सीवर लाइन तक की पटरियां उखड़ी हैं. ये बड़े गड्ढे किसी बड़ी दुर्घटना को भी दावत दे रहे हैं.
वहीं अयोध्या के मुस्लिम बहुल इलाके कोटिया पांजीटोला में भी लोग इस आयोजन से बेफ़िक्र दिखते हैं.
पूछने पर एक युवक रिज़वान कहते हैं, "यहां हमेशा त्योहार मनाए जाते हैं और हम मिल-जुलकर मनाते हैं. चाहे वह होली-दीवाली हो या फिर ईद-बकरीद. अब सरकार मना रही है तो वह भी ठीक है, लेकिन इस कार्यक्रम में अयोध्या के कितने लोग पहुंच पाते हैं, ये बड़ा सवाल है. सब बाहर के लोग आते हैं और पुलिस उन्हीं की सुरक्षा में लगी रहती है."
मोहम्मद शाहिद इस बात से तो इत्तेफ़ाक रखते हैं कि पिछले साल जब आयोजन हुआ था, तब से लेकर अब तक थोड़ा बहुत विकास ज़रूर हुआ है, लेकिन उनके मुताबिक, विकास दिया जलाने से नहीं बल्कि कुछ करने से होगा.
बहरहाल, दक्षिण कोरियाई मेहमान अयोध्या आ चुके हैं और मुख्य अतिथि के तौर पर वहां के राष्ट्रपति की पत्नी मंगलवार को आयोध्या आएंगी. बीती रात मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उन्हें रात्रिभोज दिया.
आयोध्या के बाहरी हिस्से में मंगलवार को जहां भव्य दीपोत्सव का आयोजन होगा तो अयोध्या के लोग हार साल की तरह अपने ढंग से दीपावली मनाने की तैयारी में हैं.
कुछ को आशंका है कि भव्य आयोजन वो देख पाएंगे या नहीं तो वहीं कुछ इन सब बातों से पूरी तरह बेफ़िक्र हैं.फ़ग़ानिस्तान में अज्ञात बंदूकधारियों ने इसी साल 6 मई को भारतीय मजदूरों का अपहरण किया गया था. इनमें से चार लोग झारखंड के हैं.
इनमें बगोदर प्रखंड के घाघरा गांव निवासी प्रकाश महतो, प्रसादी महतो, महूरी गांव के हुलास महतो और टाटीझरिया प्रखंड के बेडम गांव निवासी काली महतो शामिल हैं.
ये सभी अफ़ग़ानिस्तान में भारतीय उद्योगपति हर्ष गोयनका के स्वामित्व वाली कंपनी केइसी इंटरनेशनल के लिए काम करते थे.
विदेश मंत्री के हस्तक्षेप के बाद कंपनी ने अगवा किए गए मज़दूरों के परिजनों को वेतन देना शुरू कर दिया है. हालांकि परिजनों को मीडिया से बात नहीं करने की हिदायत दी गई है.
अपहरण के तुरंत बाद कंपनी ने इस प्रकरण पर आज तक अपना आधिकारिक पक्ष नकेइसी इंटरनेशनल आरपी गोयनका (आरपीजी) समूह की कंपनी है जिसे अफ़ग़ानिस्तान में बिजली की ट्रांसमिशन लाइन लगाने का ठेका मिला हुआ है. वहां काम करने के लिए झारखंड के कई लोग अफ़ग़ानिस्तान गए हैं. इनमें से अधिकतर लोग बगोदर के हैं.

Wednesday, October 3, 2018

प्रेस रिव्यू: फिर एक अंकित की हत्या, दूसरे धर्म में प्यार की सज़ा?

दिल्ली के जहांगीरपुरी इलाके में सोमवार को अंकित नाम के युवक की हत्या कर दी गई.
टाइम्स ऑफ़ इंडिया के मुताबिक मृतक इसी इलाके में अपनी कोचिंग चलाते थे.
घरवालों के मुताबिक अंकित मुस्लिम समुदाय की एक लड़की से बीते 10 साल से प्यार करते थे और लड़की के भाई ने ही अंकित की हत्या की है.
आरोप है कि अंकित की प्रेमिका का भाई सुबह क़रीब आठ बजे सिर पर कैप और चेहरे पर मास्क लगाकर कोचिंग आया.
जैसे ही अंकित कोचिंग पुहंचे, हमलावर ने अंकित के सिर में गोली मार दी और भाग गया. हालांकि सीसीटीवी फुटेज़ में उनकी तस्वीर आई है.
पुलिस ने कुछ लोगों को हिरासत में लिया है. इसी साल फरवरी में दिल्ली के ख़याला इलाके में मुस्लिम लड़की से प्यार करने वाले एक अन्य अंकित की हत्या हुई थी. की ख़बर के मुताबिक पुलिस की गोली से मारे गए एप्पल के एरिया मैनेजर विवेक तिवारी के परिजनों ने सोमवार को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात की.
मुख्यमंत्री योगी ने परिवार के लिए मुआवज़ा राशि को 25 लाख रुपये से बढ़ाकर 40 लाख कर दिया है.
हालांकि विपक्ष ने सरकार के आश्वासनों को नाकाफ़ी बताया है. इस बीच मुख्यमंत्री योगी से मुलाकात के बाद विवेक तिवारी के परिवार ने सीबीआई जांच की अपनी मांग ख़त्म कर दी है.
वहीं कांग्रेस नेता सोनिया गांधी ने भी विवेक तिवारी की पत्नी कल्पना तिवारी से फ़ोन पर बात की.
पश्चिमी उत्तर प्रदेश और दूसरे पड़ोसी राज्यों के क़रीब दो हज़ार किसानों ने सोमवार को दिल्ली कूच किया. हालांकि उन्हें दिल्ली बॉर्डर पर ही रोक दिया गया.
दिल्ली में दाख़िल होने की उनकी कोशिश की वजह से एनएच24 पर घंटों लंबा जाम लगा रहा. हिंदुस्तान टाइम्स
प्रवर्तन निदेशालय ने पीएनबी घोटाला मामले में नीरव मोदी और उनके परिवार के ख़िलाफ़ भारत समेत पांच देशों में कार्रवाई की.
इस दौरान 637 करोड़ की संपत्ति और बैंक खाते अटैच किए गए. ये ख़बर जनसत्ता समेत कई अख़बरों में है.
ईडी ने बताया कि यह कार्रवाई मुंबई, लंदन, सिंगापुर, हांगकांग और न्यूयॉर्क में की गई.
उधर, केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री शिव प्रताप शुक्ला ने कहा कि हम नीरव जैसे लोगों को भारत लाने की कोशिश कर रहे रहे हैं.
प्रवर्तन निदेशालय ने न्यूयॉर्क में 216 करोड़ रुपए की क़ीमत का अपार्टमेंट सीज़ किया.
समेत कई अख़बारों में तस्वीर समेत ये ख़बर छपी है.
किसान कर्ज़ माफ़ी की मांग को लेकर किसान क्रांति यात्रा करना चाहते थे. वहीं अमर उजाला की ख़बर के मुताबिक किसानों और केंद्र सरकार के बीच सोमवार रात ढाई बजे तक बातचीत बेनतीजा रही.
हालांकि मंगलवार सुबह आठ बजे फिर वार्ता तय होने की बात कही गई थी.
गुजरात के गिर वन्यजीव अभ्यारण में 12 अगस्त अबतक 21 शेरों की मौत हो चुकी है.
द हिंदू अख़बार के मुताबिक अधिकारी मौतों की एक वजह वायरल इंफेक्शन को बता रहे हैं.
बाक़ी शेरों को इंफेक्शन से बचाने के लिए इंडियन वेटेनरी रिसर्च इंस्टीट्यूट के विशेषज्ञों को अभ्यारण बुलाया गया है.
एहतियात के तौर पर सभी शेरों को किसी दूसरे रेस्क्यू सेंटर लाया गया है और अलग रखा जा रहा है. न दिनों देश के पश्चिमी प्रांत शिनजिंयाग में अल्पसंख्यक मुसलमानों के प्रति अपने रवैये की वजह से चीन की भारी आलोचना हो रही है. आलोचकों का कहना है कि चीन ने इस राज्य में बड़ी संख्या में मुसलमानों को ख़ास तरह के कैंपों में रखा है.
अगस्त में एक संयुक्त राष्ट्र की कमेटी को बताया गया था कि शिनजियांग में क़रीब दस लाख मुसलमानों को एक तरह की हिरासत में रखा गया है, जहां उन्हें 'दोबारा शिक्षा' दी जा रही है.
चीन इन ख़बरों का खंडन करता है. लेकिन इस दौरान शिनजियांग में लोगों पर निगरानी के कई सबूत सामने आए हैं.
आइए समझते हैं कि इस कहानी के अलग-अलग पहलू क्या हैं.
लेकिन हाल के वर्षों में भारी संख्या में चीन के बहुसंख्यक नस्लीय समूह 'हान' चीनियों का शिनजियांग में बसना एक संवेदनशील मुद्दा बन गया है. वीगर लोगों को लगता है कि अब उनकी रोज़ी-रोटी और संस्कृति ख़तरे में पड़ रही है.
शिनजियांग चीन के पश्चिम में देश का सबसे बड़ा प्रांत है. इसकी सीमाएं भारत, अफ़ग़ानिस्तान और मंगोलिया जैसे कई देशों से मिलती हैं. कहने को तो ये भी तिब्बत की ही तरह एक स्वायत्त क्षेत्र है लेकिन दरअसल यहां की सरकार की डोर बीजिंग के ही हाथ में है.

चीन के पश्चिमी प्रांत शिनजियांग में रहने वाले एक करोड़ से अधिक वीगर समुदाय के अधिकतर लोग मुसलमान हैं. ये लोग ख़ुद को सांस्कृतिक नज़र से मध्य एशिया के देशों के क़रीब मानते हैं. उनकी भाषा भी तुर्की से मिलती-जुलती है.
सदियों से इस प्रांत की अर्थव्यवस्था खेती और व्यापार पर केंद्रित रही है. ऐतिहासिक सिल्क रूट की वजह से यहां ख़ुशहाली रही है.
बीसवीं सदी की शुरुआत में वीगर समुदाय ने थोड़े वक्त के लिए ही सही, शिनजियांग को आज़ाद घोषित कर दिया था. लेकिन 1949 की कम्यूनिस्ट क्रांति के बाद ये प्रांत चीन का हिस्सा बन गया.

इस वक़्त शिनजियांग में क्या हो रहा है?

अगस्त 2018 में संयुक्त राष्ट्र की एक मानवाधिकार कमेटी को बताया गया था कि 'पूरा वीगर स्वायत्त क्षेत्र नज़रबंदी में है.'
इस कमेटी को बताया गया था कि क़रीब 10 लाख लोग हिरासती ज़िंदगी बिता रहे हैं. ऐसी रिपोर्टों की पुष्टि ह्यूमन राइट्स वॉच भी करता है.
मानवाधिकार संगठनों का कहना है कि एक तरह के हिरासती कैंपों में रखे गए लोगों को चीनी भाषा सिखाई जाती हैं और उन्हें चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के प्रति वफ़ादारी की कसम खानी होती है.
साथ ही लोगों से उनके धर्म और संस्कृति की आलोचना करने को कहा जाता है.
ह्यूमन राइट्स वॉच के मुताबिक वीगर समुदाय को बेहद सख़्त निगरानी का सामना करना पड़ता है. लोगों के घरों के दरवाज़े पर QR कोड्स लगे हुए हैं और चेहरे को पहचानने के लिए कैमरे फ़िट हैं. अधिकारी जब चाहें तब ये पता लगा सकते हैं कि घर अंदर कौन है.

Tuesday, September 11, 2018

奥巴马将限制钻探

据《路透社》报道,美国总统大选胜出的巴拉克·奥巴马宣布将减少在环境脆弱地区进行油气开采,这受到了环境保护者的拥护。

奥巴马过渡内阁联合主席约翰·波德斯塔说,奥巴马可能取消前总统乔治·布什的行政命令并禁止在犹他州的脆弱地区进行钻探。

以国家奥杜邦协会和荒野协会为首的美国环境团体也敦促奥巴马重新考虑允许开放在阿拉斯加沿岸的楚科奇海和波弗特海进行钻探活动。他们同时表示支持奥巴马限制对新墨西哥州和科罗拉多州等某些地区进行钻探活动的决定。

石油产业表示,对钻探活动进行限制,特别是在美国本土上的限制将可能导致本国的能源需求无法满足。

布什在今年7月提出了一禁止在美国沿岸钻探的行政名令,国会批准该其在今年十月后不再有效。众议院通过了一综合能源法,规定在各州法案允许的情况下,可在距海岸50英里 (约80公里)进行钻探活动;距海岸100英里(约160公里)处是完全开放的海域。
《路透社》引《新华社》报道说,与前几个冬天相比,预计今年会有更多生病和饥饿的大熊猫到中国地震区四川省低纬度地区觅食。当地大熊猫研究中心将需要向他们提供食物和医疗照顾。

今年5月12日四川地震引发的山体滑坡毁坏了野生熊猫的栖息地。这导致熊猫的食物来源--竹子大大减少。正常情况下,竹子在海拔2,500米和3,200米之间生长。

"今年熊猫下山特别早,因此我们预测今年冬天的环境对野生熊猫很严酷,"卧龙自然保护区管理局主任助理张桂全说。

张桂全说,4、5只寻找食物或生病的熊猫通常在12月-次年3月出现在低纬度地区。但在今年10月底当地居民已发现了两只熊猫。

四川卧龙中国保护大熊猫研究中心是中国最大的熊猫保护区,共有53只熊猫。地震中一只死亡,一只失踪。
据《路透社》报道,日本政府公布的该国去年温室气体排放量较预期有所增加。分析家预测,增幅为2%至3%,并指出日本在实现其《京都议定书》中规定的减排指标时面临极大挑战。

这份将于本周公布的数据从2008年3月开始统计,显示日本比预期多排放了约13.8亿立方吨温室气体。这比其1990年的水平高出约10%。根据《京都议定书》达成的协议规定,日本必须在2012年前将二氧化碳和其他温室气体的排量降低到比1990年低6%的水平。

分析家认为日本最大核电站的关闭导致了温室气体排放量的增加。日本在2007年3月前的减排量为13.4亿立方吨,减幅1.3%。日本在《京都议定书》规定下的减排目标为11.86亿立方吨。

这一分析导致某些发展中国家将质疑日本做为第五大温室气体排放国实现承诺的可能性。它同时会促使日本政府向联合国购买碳减排量。

与能源有关的二氧化碳排放几乎占日本温室气体排放总量的90%。因此去年的总排量已被预计高于前一年的13.4亿立方吨。
马尔代夫新任总统墨海默得·纳什向英国《卫报 》表示,马尔代夫计划每年从旅游收益中拿出一部分资金为30万居民购买新家园。气候变化导致海平面上升使得马尔代夫成为受此威胁最严重的国家之一。

“我们无法阻止气候变化,”纳什说,“因此我们不得不到别的地方购买土地。这是一个可应对气候变化最坏结果的保险办法。”通过主权财富基金,马尔代夫可以从斯里兰卡、印度和澳大利亚购买土地。纳什还说:“我们不想离开马尔代夫,但是我们也不想做几十年都住在帐篷里的气候难民。”

马尔代夫位于印度洋,由近1,200个小岛组成,海平面的小幅上升就会导致马尔代夫淹没。该国大部分地区海拔仅有1.5 米,最高2.4米。根据联合国的预测,气候变化将导致海平面在2100年前共升高59厘米。

“这是无法预测的警告,”地球之友的国际气候变化小组汤姆·皮肯说,“马尔代夫是气候变化的受害者,而造成气候变化的富国却不去履行义务帮助穷国。”

Saturday, September 1, 2018

四川磷矿开采危及大熊猫栖息地

据环保组织的一份联合调查报告显示,中国西南部四川省的磷矿开采恐将威胁当地野生大熊猫栖息地。
 
这份由绿色和平与横断山脉研究会在近期联合发布的报告,揭示了龙门山区因磷矿开采活动所导致的地质灾害风险增加。龙门山区地处中国西南部的四川省,内有大熊猫栖息地——九顶山自然保护区。
 
据报告显示,磷矿开采活动严重地影响了当地的熊猫栖息地。尽管此前当地曾多次发现大熊猫的排泄物,2006年国家林业局的发布的《全国第三次大熊猫调查报告》也显示九顶山自然保护区内有11只野生大熊猫,然而当地矿工证实近几年来大熊猫已经无踪可寻。
 
绿色和平的郎希宇表示,在九顶山附近的磷矿开采活动已将大熊猫栖息地周边的植被破坏殆尽,大熊猫的活动空间变得更为狭小而分散。
 
九顶山自然保护区所在的龙门山区中段,是中国第五大磷矿产区,当地现有产量占全国年产量的十分之一。
 
尽管拥有丰富的磷矿储量,龙门山区的实际地况却不宜开采。2008年汶川地震后,该地区多次发生山体滑坡等地质次生灾害。横断山脉研究会高级工程师杨勇表示,对龙门山地区进一步的开采活动只会导致该地区地质更加频繁。
 
“我们一直在不断呼吁,龙门山的磷矿恢复生产一定要考虑到次生灾害的发展趋势。事实证明在地震后的三年内,几个主要磷矿生产区都发生了破坏性极大的次生地质灾害,包括泥石流、山体滑坡和溃决性的洪水”,杨勇说。
 
显然,仅凭专业人士的警告和关注,并不足以打消矿业巨头们对当地磷矿资源的觊觎。中国矿业巨头四川宏达集团股份有限公司早在2010年便向绵竹市政府提交申请,调整九顶山自然保护区范围。绿色和平认为,宏达集团提交申请调整保护区范围实为项庄舞剑,意在为后期开采磷矿排除操作上的障碍。好在大熊猫作为国宝在中国极受欢迎地位较高,九顶山自然保护区虽然辖区内有丰富的磷矿资源,仍能暂时逃过被开发的命运。
 
然而好景不长,形势随着磷矿价格上涨而发生了变化。自2010年起,磷矿价格迅速上涨,由原来的每吨不足百元涨到每吨五六百元。终于,四川省政府在2012年八月下旬批准了该省林业部门关于九顶山自然保护区范围调整的申请。此后,地处大熊猫栖息地中心的面积约325公顷的索棚子地区被“调出”九顶山自然保护区管辖范围,宏达集团也如愿以偿地获得了在索棚子地区得探矿权。
 
然而,据绿色和平称,宏达集团探矿许可证得起始日期似乎暗示了其中存在猫腻。宏达集团早在2012年7月中旬便获得了索棚子地区的探矿权,而在当时,索棚子地区仍属于九顶山自然保护区的辖区,是四川省规划的“限制勘察区”。理论上,直至当年八月份索棚子地区被划为自然保护区范围外后,在该地区的探矿行为才算是符合规定。
 
事实上,宏达集团在索棚子地区的探矿活动早在其探矿许可证生效前便已开始。郎星宇说,“在四川大学生命科学学院受保护区管理处委托在2010年做的《四川九顶山自然保护区面积调整综合科学考察报告》里提到,(宏达集团)从2008年地震后就从国土部门获得探矿许可开始进入保护区进行勘矿。”至于宏达集团如何在索棚子地区被“调出”自然保护区范围前获得探矿许可,郎星宇深感不解。
 
他说:“这里面是否有利益交换我们并不清楚。而当地政府也完全倾向于支持短期”有利于经济发展,GDP增长“的政府导向。所以不惜牺牲大熊猫栖息地和生态维护而去支持采矿业对保护区的侵占。”

Monday, August 27, 2018

मददगार मधुमक्खियां साल 2018 के शुरु

साल 2018 के शुरुआती तीन महीनों में फ़ोटोग्राफ़र जुर्रे रोंपा तंज़ानिया के जंगलों में घूमते हुए उन चुनिंदा लोगों से मिले जो कि तेज़ी से कम होते जा रहे तंजानियाई जंगलों को बचाने के लिए अपना दिन-रात एक किए हुए हैं.
तंज़ानिया के ज़ंज़ीबार द्वीपसमूह में घूमते हुए रोंपा का साबका उन मधुमक्खी पालने वालों से हुआ.
बीते कुछ सालों में खेती के लिए ज़मीन हासिल करने के लिए जंगलों को तेज़ी से काटा गया और अब इस द्वीपसमूह के कुछ भाग में ही जंगल बचे हैं.
ऐसे में जंगलों को एक बार फिर लगाने के प्रयास शुरू कर दिए हैं और इन प्रयासों में इन मधुमक्खी पालने वालों की अहम भूमिका है क्योंकि मधुमक्खियां पौधों में परागण की क्रिया को करने में सक्षम होती हैं.
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जंगलों को आबाद करने की उनकी ये कोशिश व्यक्तिगत रूप से इनके लिए लिए फ़ायदेमंद होती भी दिख रही है क्योंकि ये लोग घने जंगलों में मधुमक्खियों के छत्ते लगाते हैं.
कभी गाय चराने वाले 60 वर्षीय किसान अली मनगुजा एक नर्सरी चलाते हैं.
वह अपने बचपन से मधुमक्खियां पाल रहे हैं और इससे जो शहद हासिल होता है उसे बेचकर वह अपनी नर्सरी के लिए पानी खरीदते हैं.
इस तरह से हासिल होने वाली अतिरिक्त आय मान्गुजा को उनके 11 लोगों के परिवार के भरण-पोषण में भी मदद करती है.
रोम्पा से बात करते हुए वह कहते हैं, "मैं ये काम तब तक करता रहूंगा जब तक मेरी ज़िंदगी रहेगी."
57 साल के मोहम्मद अब्दुला म्शती ऐसे ही एक दूसरे व्यक्ति हैं जो अतिरिक्त कमाई की ख़ातिर मधुमक्खियों को पालने में लगे हुए हैं.
वह बीते 30 सालों से एक किसान के रूप में काम कर रहे थे. इसके अलावा वह पॉल्ट्री फ़ार्मिंग का काम भी करते थे.
फ़ोटोग्राफ़र रोंपा से बात करते हुए वह कहते हैं, "पेंबा में शहद बहुत महंगा है और मिलना बहुत मुश्किल है. एक लीटर शहद की कीमत 24 हज़ार तंजानियाई शिलिंग यानी लगभग 600 रुपये है. हम शहद को दवाई की तरह भी इस्तेमाल करते हैं."
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